श्री हरिश्चन्द्र तिवारी महाविद्यालय राष्ट्रीय राज मार्ग (NH2) पर इटावा से 28 कि०मी० की दूरी पर आनेपुर (पॉवर हाउस के पास) महेवा में स्थित है। भारत के प्रथम विकास खण्ड महेवा (इटावा) में स्थित यह महाविद्यालय धर्म व जाति की संकीर्ण विचारधारा से दूर, जनसहयोग पर आधारित ग्रामीण अंचल में उच्च शिक्षा हेतु स्थापित किया गया है।
संस्था का मुख्य ध्येय कला, विज्ञान, वाणिज्य, विधि, शिक्षाशास्त्र तथा तकनीकी जैसे विविध ज्ञान क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार करना और समाज के हर वर्ग के विद्यार्थियों तक उच्च शिक्षा को सुलभ बनाना है।
यह संगठन स्वयं को सौभाग्यशाली मानता है कि इसे दानवीर श्री हरिश चन्द्र तिवारी का सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिनके प्रेरक योगदान से इस संस्था की आधारशिला रखी गई। आज यह महाविद्यालय शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्थान की दिशा में अग्रसर है तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
आदर्श एवं उद्देश्य : शिक्षा के मानवीय तथा आत्मिक सेवा कार्य एवं अपने छात्र-छात्राओं को वास्तविक तथा व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करना|
संस्थान का आदर्श : श्रेष्ठतम कार्य कुशलता, सुसंस्कृत आचरण तथा समर्पण है| श्री हरिश चन्द्र तिवारी महाविद्यालय का तात्कालिक उद्देश्य विस्तृत तथा आधुनिक शिक्षण कार्यक्रमों के द्वारा कला संकाय में स्नातक स्तर की गहन एवं व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करना है|